लकवा रोग का कारण और उनके 10 रामबाण आयुर्वेदिक उपचार

किसी अंग की मांसपेशियों का पूर्ण रूप से कार्य ना कर पाना पैरालिसिस या लकवा मारना या पक्षाघात कहते है इस रोग को ठीक किया जा सकता है बशर्ते मरीज अगर हिम्मत न हारे तो | पैरालिसिस या लकवा का अटैक कभी भी आ सकता है जब उस अंग की सवेदना कमजोर होगी तो लकवा का सही समय पर इलाज न होने से रोगी एक अपाहिज की जिन्दगी जीने को मजबूर हो जाता है ,इसीलिए समय रहते ही पैरालिसिस या लकवा मारना या पक्षाघात का उपचार करना जरुरी है |

लकवा होने के कारण:

इस रोग के कारण  शरीर  का छमता से अधिक कार्य करना या बिल्कुल न करना |
कोई पुराना कारण जो किसी विशेष अंग की मसल्स  कमजोर कर रहा हो जैसे – कोई पुरानी चोट ,दिमागी न्यूरान्स
बचपन से मांसपेशियों का कमजोर होना
दिमागी टेंशन या मस्तिष्क में रक्त का फटना ,रुकना

लकवा के रिस्क फैक्टर्स:

1 उच्च रक्त चाप (high blood peasure )
2 मधुमेह  रोग (diabetes)
3 मोटापा (obesity)
4 तनाव(tension)
5 एल्कोहल का सेवन(Alcohol intake)

पक्षाघात  लक्षण:

इस  रोग में एक तरफ के सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं जैसे बाये पैर या बाये हाथ का काम न करना अथवा इन इन अंगो की दिमाग तक चेतना पहुचना भी बंद हो जाती है |इस  रोग की वजह से अंगो का टेढ़ापन ,शरीर में गर्मी की कमी और कुछ याद रखने की छमता भी कम हो जाती है|

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लकवा का आयुर्वेदिक  उपचार:

१ योग हर मर्ज की दवा है इसीलिए रोजाना प्राणायाम और कपालभाति करे |
२ कुछ दिनों   तक रोज रोगी को खजूर को दूध में भिगोकर देने से लकवा ठीक होने लगता है |
३  सोंठ और उर्द को पानी में मिलाकर हल्की आंच में गरम करके रोगी को नित्य पिलाने से रोग ठीक हो जाता है |
४ नाशपाती .सेब और अंगूर का रस बराबर मात्रा में एक गिलास में मिला ले और रोगी को देते रहे .कुछ समय तक यह  उपाय करने से रोगी को फायदा मिलेगा |
५.एक चम्मच काली मिर्च को पीसकर गाय के घी में मिलकर लेप बना ले और ग्रसित अंगो पर मालिश करे ,ऐसा करने से  अंगो का रोग ठीक हो जायेगा |
६ .करेले की   सब्जी या करेले का रस को नित्य खाने से पीने से लकवा से प्रभावित अंगो में सुधार होगा |
७ .लहसुन की ६ कलि को पीसकर एक चम्मच मक्खन में मिला ले और रोज इसका सेवन करे लकवा ठीक हो जायेगा |
८ .तुलसी के   पत्तो को ,दही और सेंधा नमक में मिलाकर उसका लेप करने से फायदा मिलता है यह उपाय लम्बे समय तक करना होगा ||
९ .गरम पानी  में तुलसी के पत्तो को उबाले और उसका भाप लकवा पीडीत को देते रहे इससे यह रोग ठीक होने लगता है |
१० .सरसों के   तेल में ५० ग्राम लहसुन डालकर पका ले अब इसे ठंडा करके   तेल निचोड़ ले और एक डिब्बे में रख  और इस तेल को रोजाना ग्रसित अंगो पर मालिश करे |

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