कैंसर : कैंसर के लक्षण ,कारण और उपचार हिंदी में

कैंसर क्या है (what is cancer ):

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है ,कैंसर के मरीज जल्दी ठीक नहीं होते हैं क्योकि इसका पता देर से चलता है शरीर के
किसी हिस्से  में होने वाली इस असामान्य  वृद्दि को ही कैंसर कहा जाता है |यह एक जानलेवा बीमारी के
रूप में जानी जाती है |हमारा शरीर बहुत सी छोटी -छोटी कोशिकाओ से मिलकर बना होता है | हर दिन उसमे से
लाखो कोशिकाए खराबहोती रहती है | इन कोशिकाओ की  जगह पर नयी कोशिकाओ का जन्म होता है |

ये नयी कोशिकाए पुरानी कोशिकाओ का ही एक प्रारूप होती है | किसी कारण की वजह से इस क्रिया में रूकावट
आ जाती है और शरीर में कोशिकाओं की असामान्य  वृद्दि  होने लगती है |

कैंसर

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शरीर की यह असामान्य  वृद्दि पास के अंगो को  तो नुकशान पहुचती ही है साथ में दूर के अंगो को भी
प्रभावित करती  हैं इसके साथ यह भी जानना जरुरी है की शरीर की प्रत्येक गांठ कैंसर नहीं होती है |

कैंसर होने के कारण:

यह  किस वजह से होता है इसके मुख्य कारण की खोज अभी तक नहीं हो पायी है | ऐसे बहुत से कारको की खोज
करने में वैज्ञानिक सफल हुए है जिनकी वजह से कैंसर होने की संभावना होती है |

ऐसे कारको को carcinogens कहते हैं |

कैंसर के कारको की जानकरी कुछ इस प्रकार से नीचे दी गयी है …

अनुवांशिकता : जहाँ तक देखा गया है कैंसर के मामले में अनुवांशिकता भी एक कारक है |अगर परिवार में आपके
माता या पिता को यह बीमारी है तो आपको कैंसर होने के दोगुने चांसेज हैं |

हार्मोन्स : महिलाओ में एस्ट्रोजन  हार्मोन्स की अधिकता होने के कारण उनके अन्दर स्तन कैंसर और गर्भाशय का
कैंसर होने की संभावना जादा होती है | इसका मुख्य कारण मोटापा ,फैट युक्त भोजन करना ,35 वर्ष की आयु के
बाद में गर्भवती होना आदि हैं |

मोटापा : मोटापा अपने साथ अनेक बीमारी को लाता है मोटापे के कारण आपके आंत और स्तन का कैंसर
बढ़ने के बहुत जादा खतरा है |
अगर आपका body mass index 25 से जादा है तो आपको अपना वजन कम करने की जरूरत है |

आहार :अगर आप संतुलित आहार नही लेते है तो आपको इसके ख़राब परिणाम देखने को मिल सकते
हैं | केमिकल युक्त फल और सब्जियों का सेवन और होटल या बाहर अधिक खाना को अपने आहार
में लेना बहुत ही हानिकारक साबित हो सकता है |
इसके कारण आपको आंत और अन्ननलिका  के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है |

ब्यायाम : हमे शुरआत से बताया जाता है की अगर स्वस्थ रहना है तो ब्यायाम को अपने नियमित जीवन
में शमिल करना बहुत ही जरुरी है |
जो लोग ब्यायाम नही करते है आलसी  होते है उन्हें यह बीमारी होने का खतरा रहता है |
ब्यायाम करने से शरीर का मल पसीने के रूप माँ बाहर आ जाता है जिससे हम स्वस्थ रहते हैं |

कैंसर के लक्षण :

* पेसाब में खून आना
* पाचन में दिक्कत
* कफ या गले में खिचखिच
* दर्द का लगातार बना रहना
* तिल जैसा निशान
* घाव का  भरना
* मासिक चक्र का न रुकना (महिलाओ में )
* वजन का  घटना
* गांठ का बनना
*निगलने में तकलीफ होना

(नोट :इन सभी लक्षणों का होना कैंसर  ही नहीं होता है एक बार चिकत्सक से परामर्श जरुर ले |  )

कैंसर को  रोकने के आयुर्वेदिक उपाय:

* देसी गाय का मूत्र इस  इलाज के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्द होता है |रोज २ से ३ बार इसका सेवन करने
से इस बीमारी के इलाज  सहायता मिलती है |

* हल्दी को तो औषधि का खजाना कहा गया है ,अपने खाने में हल्दी का सेवन जरुर करे यह बीमार सेल्स को
ठीक करने में बहुत ही   लाभकारी है | तुलसी और हल्दी से मुहं  कैंसर को ठीक करने में राहत मिलती है |

* हल्दी में कुरकेमिन  नाम का केमिकल पाया जाता है जो कैंसर  खराब सेल्स को ठीक कर देता है | आधा कप हल्दी और
आधा कप गाय का मूत्र मिला ले और इसे गर्म करके चाय के साथ दे यह बहुत ही फायदा करेगा |

*  जादा से जादा मात्रा में पानी पिए ,रात में ताम्बे के लोटे में पानी रख दे और सुबह खाली पेट इसे पी ले |

राजीव दीक्षित के तरीके से कैंसर का इलाज:

महिलाओ में ब्रेस्ट कैंसर और गर्भ का कैंसर जादा देखने को मिलता है |पहले तो यह गांठ के रूप में होती है .लेकिन
बाद में यह  बढ़ने लगती है |  इसमें खाने वाले  चुने का उपयोग करे |

चने के बराबर मात्रा में लेकर इसे खाने में ,लस्सी में ,दही या दाल में मिला ले
इससे गांठ गल  जाएगी |

पथरी के  मरीज इसका  उपयोग बिल्कुल न करे |

आपको हमारा यह लेख कैसा लगा अगर कोई सुझाव हो तो हमे कमेंट के माध्यम से जरुर बताये |

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